— RI News Desk | 9 April 2026
आज ९ अप्रैल २०२६ को शेयर बाजार की समीक्षा

आज दलाल स्ट्रीट पर एक बार फिर से उतार-चढ़ाव का खेल देखने को मिला। कल यानी ८ अप्रैल को जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की खबर आई, तो बाजार में जोरदार उछाल आया था। सेंसेक्स ने करीब २९४६ अंक की छलांग लगाई और निफ्टी ८७४ अंक ऊपर बंद हुआ था। लेकिन आज गुरुवार को माहौल पूरी तरह पलट गया। पश्चिम एशिया में युद्धविराम की उम्मीदों पर पानी फिर गया। ट्रंप की चेतावनी, ईरान द्वारा हार्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण की खबरें और तेल की कीमतों में उछाल ने निवेशकों की धड़कनें बढ़ा दीं। नतीजा? सेंसेक्स ९३१ अंक टूटकर ७६,६३१.६५ पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी ५० में २२२ अंक की गिरावट दर्ज की गई और यह २३,७७५.१० के स्तर पर सिमट गया।
मानो कल की तेजी एक सपना थी और आज हकीकत ने करारा झटका दिया। बाजार में बेचैनी साफ नजर आई। सुबह के सत्र में कुछ हल्की रिकवरी की कोशिश हुई, लेकिन दोपहर बाद बिकवाली का दबाव इतना बढ़ा कि बड़े-बड़े शेयर लाल निशान में डूब गए। कुल मिलाकर पांच दिन की लगातार बढ़त का सिलसिला आज टूट गया। निवेशक अब फिर से भू-राजनीतिक तनाव, तेल की महंगाई और विदेशी निवेशकों की बिकवाली पर नजर टिकाए हुए हैं।
आज की गिरावट के प्रमुख कारण
सबसे बड़ा कारण रहा पश्चिम एशिया में अस्थिरता। अमेरिका-ईरान युद्धविराम की दो हफ्ते की अस्थायी डील पर फिर से सवाल उठ गए। ईरान के हार्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए रखने की खबरों ने तेल की कीमतों को ऊपर धकेल दिया। क्रूड ऑयल की महंगाई भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए हमेशा चिंता का विषय रही है। इससे न सिर्फ मुद्रास्फीति बढ़ने का खतरा है, बल्कि कंपनियों के मुनाफे पर भी असर पड़ सकता है।
इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार बिकवाली कर रहे हैं। कल की तेजी के बावजूद आज FII की बिकवाली ने बाजार को और दबाव में डाला। रुपया भी डॉलर के मुकाबले थोड़ा कमजोर हुआ और ९२.६५ के आसपास बंद हुआ। बाजार की अस्थिरता मापने वाला इंडिया VIX भी ६ प्रतिशत से ज्यादा उछल गया, जो बताता है कि निवेशक अभी सतर्क मोड में हैं।
कल की तेजी मुख्य रूप से युद्धविराम की उम्मीद और क्रूड में गिरावट पर टिकी थी, लेकिन आज उलटा हो गया। ट्रंप की ईरान को चेतावनी और क्षेत्र में फिर से तनाव बढ़ने की आशंका ने रिस्क एसेट्स को नुकसान पहुंचाया। वैश्विक स्तर पर भी एशियाई बाजारों में सावधानी बरती गई।
सेक्टरों का प्रदर्शन
आज ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में रहे। आईटी, बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और ऑटो सेक्टर पर सबसे ज्यादा असर पड़ा। इंफोसिस, एचसीएल टेक, एलएंडटी और अदानी पोर्ट्स जैसे भारी भरकम शेयर २ प्रतिशत तक टूटे। जियो फाइनेंशियल और एलएंडटी करीब ३ प्रतिशत नीचे बंद हुए।
दूसरी ओर, कुछ सेक्टरों ने हिम्मत दिखाई। पावर, मेटल और डिफेंस से जुड़े शेयरों में खरीदारी देखी गई। टाटा स्टील, एनटीपीसी, बीईएल और पावर ग्रिड जैसे शेयर हरे निशान में बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बड़े बेंचमार्क की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया, जो बताता है कि बाजार में अभी भी चुनिंदा खरीदारी जारी है।
टॉप गेनर्स और लूजर्स
आज के टॉप गेनर्स में टाटा स्टील, एनटीपीसी, बीईएल और पावर ग्रिड शामिल रहे। इनमें खरीदारी की वजह सेक्टर-स्पेसिफिक पॉजिटिव न्यूज और कुछ हद तक डिफेंसिव प्ले नजर आए। वहीं लूजर्स की लिस्ट में इंफोसिस, एचसीएल टेक, अदानी पोर्ट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट और एलएंडटी प्रमुख रहे। ये सभी भारी वेटेज वाले शेयर थे, इसलिए इनकी गिरावट ने पूरे इंडेक्स को नीचे खींचा।
ब्रॉडर मार्केट में मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने रिलेटिव रेजिलिएंस दिखाया, लेकिन कुल मिलाकर माहौल सतर्क रहा।
कल क्या हुआ था?
कल ८ अप्रैल को बाजार में जोरदार रैली देखी गई थी। सेंसेक्स ७७,५६२.९० पर और निफ्टी २३,९९७.३५ पर बंद हुए थे। युद्धविराम की खबर, क्रूड में गिरावट और आरबीआई की नीति में स्थिरता बनी रहने से निवेशकों का कॉन्फिडेंस बढ़ा था। बैंकिंग, फाइनेंशियल, रियल्टी और ऑटो सेक्टर चमके थे। लेकिन आज उसी रैली का बड़ा हिस्सा वापस चला गया।
निवेशकों के लिए सलाह
आज का सत्र याद दिलाता है कि शेयर बाजार में भू-राजनीतिक घटनाएं कितनी तेजी से असर डाल सकती हैं। तेल की कीमतें, रुपया और FII फ्लो पर नजर रखना जरूरी है। अगर युद्धविराम की स्थिति स्थिर होती है और तेल सस्ता होता है, तो बाजार फिर से ऊपर जा सकता है। लेकिन अभी सावधानी बरतना समझदारी होगी।
लंबे समय के निवेशक अच्छी कंपनियों में गिरावट पर खरीदारी का इंतजार कर सकते हैं। छोटे निवेशकों को पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई रखना चाहिए और ज्यादा उधार लेकर बाजार में नहीं घुसना चाहिए। तकनीकी रूप से निफ्टी का सपोर्ट लेवल २३,७०० के आसपास है, जबकि रेजिस्टेंस २४,००० के ऊपर है।
वैश्विक परिदृश्य
वैश्विक बाजारों में भी मिश्रित संकेत थे। अमेरिकी बाजार कल मजबूत रहे थे, लेकिन आज एशिया में सावधानी छाई रही। तेल की कीमतों में उछाल ने पूरे ग्लोबल मार्केट को प्रभावित किया। भारत के लिए यह चुनौती भरा समय है क्योंकि हम तेल के बड़े आयातक हैं।
निष्कर्ष
आज ९ अप्रैल २०२६ का शेयर बाजार सत्र निवेशकों को याद दिलाता है कि बाजार हमेशा अनिश्चितताओं से भरा रहता है। कल की तेजी और आज की गिरावट दोनों ही भू-राजनीतिक खबरों से जुड़ी थीं। अब सबकी नजरें पश्चिम एशिया की स्थिति, तेल की कीमतों और आने वाले दिनों की कमाई रिपोर्ट्स पर टिकी हैं।
निवेशकों को धैर्य रखना चाहिए। बाजार में उतार-चढ़ाव तो चलते रहते हैं, लेकिन मजबूत बुनियाद वाली कंपनियां लंबे समय में अच्छा रिटर्न देती हैं। कल क्या होगा, यह कहना मुश्किल है, लेकिन आज की गिरावट के बाद अगर वैश्विक तनाव कम हुआ तो रिकवरी संभव है।
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यह समीक्षा सामान्य जानकारी के लिए है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। बाजार में जोखिम हमेशा बना रहता है। शुभकामनाएं!
