
अमेरिका-ईरान सीजफायर और क्रूड ऑयल गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी, निवेशकों को बड़ी राहत
आज भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर की घोषणा के बाद मध्य पूर्व का तनाव कम हुआ, क्रूड ऑयल की कीमतें गिर गईं और इसी राहत की लहर पर सेंसेक्स ने करीब 2946 अंक की छलांग लगाई। बाजार बंद होने पर सेंसेक्स 77,562.90 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 ने 874 अंक की बढ़त के साथ 23,997.35 पर क्लोजिंग की। यह पिछले कई दिनों की गिरावट के बाद निवेशकों के लिए बड़ी राहत साबित हुई।
क्या है पूरा मामला?
सुबह से ही बाजार में तेजी का माहौल था। सेंसेक्स 3000 अंक से ज्यादा उछलकर 77,500 के पार पहुंच गया। बैंकिंग, आईटी, ऑटो और मेटल सेक्टरों में भारी खरीदारी देखी गई। इंडिगो के शेयर 10 प्रतिशत उछले, जबकि एलएंडटी, अदानी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस और मारुति जैसे बड़े शेयरों में 5 से 7 प्रतिशत की तेजी रही। कुल मिलाकर आज के कारोबार में बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों की मार्केट कैपिटलाइजेशन में करीब 17 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हो गया।
क्यों महत्वपूर्ण है?
विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर और हार्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की सहमति ने बाजार का मूड पूरी तरह बदल दिया। क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देश को बड़ी राहत मिली है। इससे महंगाई पर दबाव कम होगा और कल होने वाली आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
सोना-चांदी भी चमके
कीमती धातुओं में भी आज अच्छी तेजी दर्ज की गई। एमसीएक्स पर गोल्ड (24 कैरेट) प्रति 10 ग्राम 1,54,070 रुपये के स्तर पर पहुंच गया, जो कल से करीब 3,740 रुपये महंगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गोल्ड 3 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा। चांदी में और ज्यादा जोरदार उछाल रहा – प्रति किलो 2,44,000 से 2,46,000 रुपये के आसपास, करीब 5-6 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
कारण साफ है। भले ही सीजफायर हो गया हो, लेकिन वैश्विक अनिश्चितता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ऐसे में निवेशक सुरक्षित ठिकानों की ओर मुड़ रहे हैं। चांदी को औद्योगिक मांग (सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स) का भी सहारा मिल रहा है। दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव 15,400 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया है।
लोहा, स्टील और अन्य धातुओं का हाल
बेस मेटल्स में मिश्रित रुझान रहा। आयरन ओर (लोहा) का वैश्विक स्पॉट भाव 108 डॉलर प्रति टन के आसपास स्थिर है। एनएमडीसी ने 5 अप्रैल से अपने आयरन ओर के दामों में 11.1 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है। बैला लंप अब 5,300 रुपये प्रति टन और फाइन्स 4,500 रुपये प्रति टन पर पहुंच गए हैं। स्टील (एचआरसी) का भाव 3,094 रुपये प्रति टन के आसपास हल्की बढ़त के साथ रहा।
कॉपर, एल्युमिनियम और जिंक जैसे अन्य धातुओं में भी हल्की सकारात्मक गतिविधि दिखी, लेकिन लोहा-स्टील सेक्टर में अभी बड़ी तेजी नहीं आई है। विश्लेषक मानते हैं कि जब तक निर्माण और ऑटोमोबाइल सेक्टर में मांग नहीं बढ़ती, तब तक इन धातुओं में ज्यादा उछाल की उम्मीद कम है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
जियोर्जिट इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा, “दो हफ्ते का सीजफायर बाजार की स्थिति को पूरी तरह बदल सकता है। क्रूड ऑयल में आई गिरावट से बाजार में फिर से तेजी आने की गुंजाइश है। वॉल्यूएशन भी उचित स्तर पर हैं, इसलिए बुल्स को बल मिला है।”
हालांकि, कुछ विशेषज्ञ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीजफायर अस्थायी है। अगर बातचीत में कोई अड़चन आई तो तनाव फिर बढ़ सकता है और बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
निष्कर्ष और आगे का रुख
आज की रैली साफ तौर पर दिखाती है कि वैश्विक घटनाएं भारतीय बाजार को कितना प्रभावित करती हैं। मध्य पूर्व में शांति की कोई भी खबर भारत के शेयर बाजार, मुद्रास्फीति और यहां तक कि आम आदमी के खर्चे पर असर डालती है।
कल आरबीआई की नीति और आगे की बातचीत पर बाजार की नजर रहेगी। अगर क्रूड ऑयल 95-100 डॉलर के नीचे बना रहा और सीजफायर टिका रहा, तो आने वाले दिनों में और तेजी की उम्मीद है। लेकिन निवेशकों को अभी भी सतर्क रहना चाहिए।
यह रैली छोटे-मोटे निवेशकों के लिए भी अच्छा संकेत है, लेकिन लंबे समय तक टिकाऊ विकास के लिए कंपनियों के नतीजे और वैश्विक स्थिति दोनों पर नजर रखनी होगी।
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Source: ANI, Reuters, PTI
