2026 भारत पश्चिम एशिया संकट सर्वदलीय बैठक, ऊर्जा असर

— RI News Desk | 25 मार्च 2026

पश्चिम एशिया संकट ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक व्यापार को गंभीर चुनौती दी है। इसी संदर्भ में केंद्र सरकार ने 25 मार्च 2026 को शाम 5 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति, तेल-गैस आपूर्ति और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा प्रमुख मुद्दे रहेंगे।

2026 पश्चिम एशिया संकट पर सर्वदलीय बैठक

नई दिल्ली में पश्चिम एशिया संकट पर सर्वदलीय बैठक

केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, होर्मुज स्ट्रेट और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर चर्चा।

मुख्य खबर

केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सर्वदलीय बैठक आयोजित की है। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत कर शांतिपूर्ण समाधान और होर्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित रखने पर जोर दिया।

इस संकट का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिख रहा है। भारत ने वैकल्पिक स्रोतों से कच्चा तेल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाए हैं। सरकार ने घरेलू स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता बनाए रखने का भरोसा दिया है।

विश्लेषण

पश्चिम एशिया में जारी तनाव होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले वैश्विक तेल व्यापार के बड़े हिस्से को प्रभावित कर सकता है। भारत अपनी लगभग 85 प्रतिशत कच्चे तेल की जरूरत आयात से पूरी करता है, इसलिए किसी भी बाधा से कीमतों में तेजी और महंगाई बढ़ने की आशंका है। सर्वदलीय बैठक का उद्देश्य राजनीतिक सहमति बनाकर एक मजबूत रणनीति तैयार करना है।

प्रभाव

इस संकट का सीधा असर आम जनता पर पड़ सकता है, विशेषकर ईंधन और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के रूप में। खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भी सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है। कूटनीतिक प्रयासों और वैकल्पिक आपूर्ति से इस संकट के प्रभाव को सीमित करने की कोशिश की जा रही है।

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