
— Awanish Kumar Rai | Bureau Chief, Ghazipur
दिनांक: 26 फरवरी 2026
TET अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षक धरना
TET अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है।
टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (TFI) सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों ने बीएसए कार्यालय के बाहर
विशाल धरना-प्रदर्शन किया।
शिक्षकों की मुख्य मांग है कि RTE एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों को
TET पास करने की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए।
धरना स्थल पर शिक्षकों ने “न्याय दो, न्याय दो” के नारे लगाए और प्रशासन से तत्काल निर्णय की मांग की।
इस आंदोलन से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों पर नई शर्तें थोपना अन्यायपूर्ण है।
विश्लेषण:
RTE लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया उस समय के नियमों के अनुसार हुई थी।
ऐसे में बाद में लागू की गई TET अनिवार्यता को पूर्व प्रभाव से लागू करना
कानूनी और नैतिक दोनों दृष्टि से विवाद का विषय बनता जा रहा है।
प्रदेश के कई जिलों में एक साथ हो रहे धरनों से संकेत मिल रहा है कि यह केवल स्थानीय नहीं,
बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश स्तर का संगठित आंदोलन है।
प्रभाव:
यदि सरकार या शिक्षा विभाग ने समय रहते समाधान नहीं निकाला,
तो आंदोलन के और तेज होने की संभावना है।
इसका असर विद्यालयी शिक्षण व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली दोनों पर पड़ सकता है।
शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
