— RI News Desk
तारीख: 25 फरवरी 2026
ईरान की राजधानी तेहरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के आवास क्षेत्र के पास ईरानी सुरक्षा बलों और सरकार विरोधी संगठन मुजाहिद्दीन-ए-खल्क (MEK) के बीच गंभीर मुठभेड़ की खबर सामने आई है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि इस कार्रवाई के दौरान MEK से जुड़े लगभग 100 लड़ाके मारे गए हैं। घटना के बाद संबंधित इलाके को सुरक्षा बलों ने अपने नियंत्रण में ले लिया और आम नागरिकों की आवाजाही पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया।
IRGC के अनुसार, मुजाहिद्दीन-ए-खल्क के सशस्त्र सदस्यों ने खामेनेई के आवास क्षेत्र के आसपास संदिग्ध गतिविधियां शुरू की थीं, जिन्हें संभावित हमले की कोशिश के तौर पर देखा गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत इलाके की घेराबंदी की और कई घंटों तक चली मुठभेड़ के बाद हालात पर नियंत्रण पाने का दावा किया गया। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन के दौरान हथियार और अन्य संदिग्ध सामग्री भी बरामद की गई है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।
मुजाहिद्दीन-ए-खल्क ईरान की मौजूदा सरकार का विरोध करने वाला एक संगठित राजनीतिक और सशस्त्र संगठन है, जो लंबे समय से तेहरान शासन के खिलाफ सक्रिय रहा है। ईरानी सरकार इस संगठन को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानती है और कई मौकों पर इसे हिंसक गतिविधियों और सशस्त्र अभियानों से जोड़ती रही है। दूसरी ओर, MEK खुद को ईरान में सत्ता परिवर्तन की आवाज बताता रहा है और सरकार के आरोपों को खारिज करता आया है।
खामेनेई के आवास क्षेत्र के पास हुई यह मुठभेड़ ईरान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज़ से संवेदनशील मानी जा रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ईरान पहले से ही अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ तनाव, आर्थिक प्रतिबंधों और क्षेत्रीय अस्थिरता का सामना कर रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना के बाद ईरान में सरकार विरोधी संगठनों के खिलाफ सुरक्षा कार्रवाई और तेज़ हो सकती है तथा राजधानी तेहरान सहित अन्य प्रमुख शहरों में निगरानी और कड़ी की जा सकती है।
ईरानी प्रशासन ने फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में बताया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इस घटना को लेकर मुजाहिद्दीन-ए-खल्क की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जबकि हताहतों की संख्या और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि भी अभी बाकी है।
