— Awanish Kumar Rai | Bureau Chief, Ghazipur
दिनांक: 14 फ़रवरी 2026
डालिम्स सनबीम स्कूल गांधीनगर में साइंस एग्जीबिशन का आयोजन
गाजीपुर। डालिम्स सनबीम स्कूल, गांधीनगर में नर्सरी से कक्षा 9 तक के विद्यार्थियों के लिए वार्षिक साइंस, क्राफ्ट एवं आर्ट एग्जीबिशन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर उत्साह, रचनात्मकता और नवाचार से सराबोर नजर आया।
छात्रों ने विज्ञान की उपयोगिता, पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत, स्वच्छता, तकनीकी नवाचार तथा मानव जीवन में विज्ञान की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित आकर्षक मॉडल और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए।
बच्चों द्वारा संसद सत्र की कार्यवाही का सजीव प्रस्तुतीकरण दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने एआई आधारित रोबोट और नदियों के जल शुद्धिकरण हेतु उपकरण जैसे नवाचारी मॉडल बनाकर सभी को चकित कर दिया।

प्रदर्शनी की विशेष बात यह रही कि प्रत्येक छात्र ने अपने मॉडल की व्याख्या आत्मविश्वास के साथ अंग्रेजी भाषा में की, जिससे उपस्थित अतिथि, अभिभावक एवं शिक्षक अत्यंत प्रभावित हुए। अभिभावकों ने बच्चों की वैज्ञानिक सोच और प्रस्तुति शैली की सराहना की।
विद्यालय के निदेशक हर्ष राय ने विद्यार्थियों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनियां बच्चों की प्रतिभा और नवाचार को उजागर करने का सशक्त माध्यम हैं। वहीं विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. प्रेरणा राय ने कहा कि स्कूल का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को विज्ञान, संस्कार और आधुनिक सोच से सुसज्जित करना भी है।
इस अवसर पर जयशंकर सिंह, मनन जी वर्मा, अजीत राय, मनीष राय, धनपाल सिंह सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। अतिथियों ने बच्चों की विज्ञान के प्रति लगन और अंग्रेजी में आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुति को क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया।
विश्लेषण
इस प्रकार की विज्ञान, क्राफ्ट एवं आर्ट एग्जीबिशन बच्चों के भीतर तर्कशील सोच, समस्या समाधान क्षमता और नवाचार को विकसित करती हैं। केवल पुस्तकीय ज्ञान के बजाय प्रयोग आधारित शिक्षा बच्चों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करती है।
विशेष रूप से अंग्रेजी भाषा में आत्मविश्वास के साथ मॉडल की व्याख्या करना यह दर्शाता है कि विद्यालय अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ कम्युनिकेशन स्किल पर भी समान रूप से ध्यान दे रहा है।
प्रभाव
इस आयोजन से न केवल विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि अभिभावकों और समाज में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।
ऐसी गतिविधियाँ भविष्य में छात्रों को विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी और क्षेत्र में शैक्षणिक जागरूकता को नया आयाम देंगी।
