RI News Desk
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से दो दिवसीय सेशेल्स दौरे पर हैं। यह यात्रा कई मायनों में खास मानी जा रही है क्योंकि सेशेल्स अपनी आजादी की 50वीं वर्षगांठ मना रहा है और इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से मजबूत रणनीतिक, समुद्री सुरक्षा और विकास सहयोग के संबंध रहे हैं। ऐसे में इस दौरे से दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि होंगे पीएम मोदी
सेशेल्स सरकार ने अपनी स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। समारोह में कई देशों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे, लेकिन भारत की उपस्थिति को विशेष महत्व दिया जा रहा है। यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सक्रिय कूटनीतिक भूमिका को भी दर्शाती है।
भारत-सेशेल्स संबंधों पर रहेगा विशेष फोकस
प्रधानमंत्री मोदी और सेशेल्स के शीर्ष नेतृत्व के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी होगी। इस दौरान समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, व्यापार, डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, शिक्षा, क्षमता निर्माण और ब्लू इकोनॉमी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। दोनों देशों के बीच कई नए समझौतों पर भी हस्ताक्षर हो सकते हैं।
हिंद महासागर में भारत की रणनीति को मिलेगा बल
सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण द्वीपीय देश है। समुद्री सुरक्षा, समुद्री डकैती रोकने, आपदा प्रबंधन और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में भारत और सेशेल्स लंबे समय से साझेदार रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी को और मजबूत करेगी।
विकास परियोजनाओं पर भी होगी चर्चा
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में सेशेल्स में कई विकास परियोजनाओं में सहयोग दिया है। इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, डिजिटल कनेक्टिविटी और आधारभूत ढांचे से जुड़े कई प्रोजेक्ट शामिल हैं। इस दौरे के दौरान नई विकास योजनाओं और वित्तीय सहयोग पर भी चर्चा होने की संभावना है।
ब्लू इकोनॉमी और जलवायु परिवर्तन पर सहयोग
दोनों देशों के बीच ब्लू इकोनॉमी, समुद्री संसाधनों के संरक्षण, मत्स्य क्षेत्र के विकास और जलवायु परिवर्तन से निपटने के उपायों पर सहयोग बढ़ाने पर भी जोर रहेगा। भारत पहले से ही छोटे द्वीपीय देशों के साथ जलवायु परिवर्तन और सतत विकास के क्षेत्र में साझेदारी को प्राथमिकता देता रहा है।
भारतीय समुदाय से भी करेंगे मुलाकात
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के सेशेल्स में रहने वाले भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से मिलने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। इसके अलावा दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों में भी उनकी भागीदारी हो सकती है।
भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ और SAGAR नीति को मिलेगा बल
विदेश नीति के जानकारों के अनुसार यह यात्रा भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ और ‘सागर (Security and Growth for All in the Region)’ नीति को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका और मित्र देशों के साथ सहयोग को इस यात्रा से नई गति मिलने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सेशेल्स दौरा केवल एक औपचारिक राजकीय यात्रा नहीं है, बल्कि यह हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक प्राथमिकताओं, समुद्री सुरक्षा, विकास सहयोग और कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है। स्वर्ण जयंती समारोह में उनकी मौजूदगी दोनों देशों के बीच गहरे होते संबंधों का प्रतीक भी है।
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अभी शॉप करेंस्रोतः आरआई न्यूज फीड नेटवर्क (एकीकृत) | संपादक मंडल: आरआई न्यूज डेस्क (RI News Desk)
📅 प्रकाशित तिथि: 27 Jun 2026 को 10:06 AM बजे | गाजीपुर, उत्तर प्रदेश




