बेंगलुरु (RiNews): कर्नाटक विधान परिषद (MLC) चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के विधायकों द्वारा बड़े पैमाने पर की गई क्रॉस वोटिंग ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के केंद्रीय नेतृत्व को हिलाकर रख दिया है। चुनाव परिणामों में पार्टी की रणनीतिक विफलता और अनुशासनहीनता पर कड़ी आपत्ति जताते हुए बीजेपी आलाकमान बेहद नाराज है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कर्नाटक के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक और प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास को आगामी 23 जून को दिल्ली मुख्यालय में तलब किया है। इन नेताओं को केंद्रीय नेतृत्व के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होकर स्पष्टीकरण देना होगां।
सक्रिय स्रोत और आंतरिक संकट (Active Source Analysis)
RiNews के आधिकारिक सूत्रों और घटनाक्रम के दस्तावेज़ी विश्लेषण से स्पष्ट है कि यह बैठक कर्नाटक बीजेपी के भीतर चल रही आंतरिक खींचतान और नेतृत्व क्षमता पर एक बड़ी समीक्षा होगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने क्रॉस वोटिंग की इस घटना को अनुशासनहीनता का गंभीर मामला माना है। 23 जून को होने वाली इस उच्च स्तरीय बैठक में न केवल क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों की पहचान की जाएगी, बल्कि राज्य में पार्टी के मौजूदा संगठनात्मक ढांचे और जवाबदेही पर भी कड़ा रुख अपनाया जा सकता हैं।
डीके शिवकुमार के सीएम बनने के बाद पहला बड़ा मुकाबला (Context & Power Shift)
कर्नाटक की सियासत में पिछले कुछ समय से बड़े फेरबदल देखने को मिले हैं। सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी द्वारा मुख्यमंत्री के चेहरे में बदलाव कर डीके शिवकुमार को कमान सौंपे जाने के बाद यह राज्य का पहला सबसे बड़ा चुनावी मुकाबला था। सीएम डीके शिवकुमार के लिए यह चुनाव अपनी राजनीतिक पकड़ साबित करने की परीक्षा था, जिसमें कांग्रेस पूरी तरह सफल रही। विधान परिषद की कुल 7 सीटों पर हुए इस मुकाबले में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 सीटों पर एकतरफा कब्जा जमा लिया। इसके विपरीत, मुख्य विपक्षी दल बीजेपी को महज 2 सीटों से संतोष करना पड़ा, जबकि उसकी सहयोगी पार्टी जनता दल सेक्युलर (JDS) का खाता तक नहीं खुल सकां।
आंकड़ों का खेल: एनडीए के 11 विधायकों की बगावत (The Impact Breakdown)
वोटों के गणित और चुनाव विश्लेषकों के अनुसार, इस चुनाव में एनडीए के विधायकों ने सामूहिक रूप से कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया। चुनावों के दौरान कांग्रेस को कुल 151 वोट मिले, जो उनके तय आंकड़ों (140 वोट) से पूरे 11 वोट अधिक थे।
- बीजेपी में सेंधमारी: मतदान के दौरान बीजेपी के 3 विधायकों ने दलीय सीमा लांघकर कांग्रेस को वोट दिया, जबकि बीजेपी के एक विधायक का वोट अमान्य (रद्द) घोषित कर दिया गया।
- जेडीएस का सूपड़ा साफ: सबसे बड़ा झटका सहयोगी दल जेडीएस को लगा, जिसके 8 विधायकों ने सीधे तौर पर क्रॉस वोटिंग की। इस बगावत के कारण जेडीएस के इकलौते उम्मीदवार गोविंदराजू को करारी और अपमानजनक हार का सामना करना पड़ा।
- विजेताओं की सूची: इस चुनाव में कांग्रेस की ओर से थिप्पन्नप्पा कमकनूर, पीवी मोहन, बीके हरिप्रसाद, बीएस शिवन्ना और विनय कार्तिक प्रकाश ने शानदार जीत दर्ज की। वहीं बीजेपी की तरफ से लिंगराज पाटिल और रघु आर किसी तरह अपनी सीट बचाने में कामयाब रहें।
केंद्रीय नेतृत्व द्वारा 23 जून की इस आपातकालीन बैठक के बाद कर्नाटक बीजेपी के भीतर बड़े संगठनात्मक बदलावों और बागी विधायकों के खिलाफ निष्कासन जैसी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना बढ़ गई हैं।
सक्रिय स्रोत (Active Source Credit): यह विस्तृत और जिम्मेदार राजनीतिक रिपोर्ट पीटीआई (PTI) के विजुअल इनपुट्स, चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों और कर्नाटक विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी वोटिंग संख्या के विश्लेषण पर आधारित हैं।
स्रोतः आरआई न्यूज फीड नेटवर्क (एकीकृत) | संपादक मंडल: आरआई न्यूज डेस्क (RI News Desk)
📅 प्रकाशित तिथि: 20 Jun 2026 को 11:27 AM बजे | गाजीपुर, उत्तर प्रदेश




