
नई दिल्ली | 8 जून 2026 | RI News
सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित INDIA ब्लॉक की महत्वपूर्ण बैठक में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच गर्मजोशी भरी मुलाकात चर्चा का विषय रही। बैठक में विपक्षी दलों ने भाजपा के खिलाफ सड़क से संसद तक संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया। वहीं, सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं के बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
यूपी चुनाव और सीट बंटवारे पर हुई बातचीत
बैठक के दौरान राहुल गांधी और अखिलेश यादव एक-दूसरे के करीब बैठे दिखाई दिए। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि बैठक समाप्त होने के बाद दोनों नेताओं ने अलग से मुलाकात कर आगामी चुनावी रणनीति पर विचार-विमर्श किया। चर्चा का मुख्य केंद्र उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और संभावित सीट बंटवारा रहा।
अखिलेश यादव पहले भी सार्वजनिक रूप से संकेत दे चुके हैं कि समाजवादी पार्टी आगामी चुनावों में कांग्रेस के साथ गठबंधन बनाए रखने के पक्ष में है। ऐसे में दोनों नेताओं की यह मुलाकात विपक्षी एकता के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
लोकसभा चुनाव के अनुभव का असर
2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने संयुक्त रूप से चुनाव लड़कर उत्तर प्रदेश में भाजपा को कड़ी चुनौती दी थी। विपक्षी दलों का दावा है कि गठबंधन की रणनीति ने राज्य की राजनीतिक तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यही कारण है कि विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दल सीटों के तालमेल को लेकर शुरुआती स्तर पर चर्चा कर रहे हैं।
INDIA गठबंधन की रणनीति
बैठक में शामिल नेताओं ने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों के मुद्दे, सामाजिक न्याय और संवैधानिक संस्थाओं की मजबूती जैसे विषयों को जनता के बीच प्रमुखता से उठाने पर जोर दिया। विपक्षी दलों का मानना है कि इन मुद्दों पर संयुक्त अभियान चलाकर भाजपा को चुनौती दी जा सकती है।
RI News विश्लेषण
राहुल गांधी और अखिलेश यादव की मुलाकात को केवल औपचारिक राजनीतिक शिष्टाचार के रूप में नहीं देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में सीट बंटवारा हमेशा गठबंधन की सबसे बड़ी चुनौती रहा है। यदि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समय रहते सहमति बना लेती हैं, तो 2027 का चुनाव काफी दिलचस्प हो सकता है।
हालांकि अभी तक किसी सीट शेयरिंग फॉर्मूले की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन दोनों दलों के बीच लगातार संवाद विपक्षी एकता के संकेत दे रहे हैं। आने वाले महीनों में सीटों के बंटवारे और चुनावी रणनीति को लेकर और स्पष्ट तस्वीर सामने आने की संभावना है।
जनता के लिए क्या मायने?
यदि विपक्षी दलों के बीच मजबूत तालमेल बनता है तो उत्तर प्रदेश में चुनावी मुकाबला और अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकता है। इससे मतदाताओं को विभिन्न राजनीतिक विकल्पों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा।
स्रोत: अमर उजाला (8 जून 2026), INDIA ब्लॉक बैठक, नई दिल्ली
— Saranash Kumar | National & Business Correspondent,



