
मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। निवेशकों की निगाहें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसले पर टिकी हैं, जिसकी घोषणा आज सुबह 10 बजे की जानी है। इसी उम्मीद में बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिला और प्रमुख सूचकांकों ने शुरुआती कारोबार में बढ़त दर्ज की।
शुरुआती आंकड़ों के अनुसार बीएसई सेंसेक्स 74,628.16 अंक पर 268.15 अंकों की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि निफ्टी 50 सूचकांक 23,478.95 अंक पर 62.40 अंकों की मजबूती के साथ बना रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि RBI के फैसले के बाद शेयर बाजार में और अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
RBI नीति बैठक बनी बाजार का सबसे बड़ा केंद्र
आज का सबसे बड़ा आर्थिक घटनाक्रम RBI की मौद्रिक नीति समीक्षा है। निवेशकों को रेपो रेट के साथ-साथ केंद्रीय बैंक के भविष्य के रुख का भी इंतजार है। बाजार में यह चर्चा बनी हुई है कि RBI महंगाई, आर्थिक विकास और वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए क्या संदेश देता है।
विश्लेषकों का मानना है कि केवल ब्याज दर का फैसला ही नहीं बल्कि RBI की टिप्पणी और भविष्य की रणनीति भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यदि केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक संकेत देता है तो बाजार में खरीदारी और बढ़ सकती है।
बैंकिंग और वित्तीय शेयरों पर रहेगी नजर
RBI के फैसले का सबसे अधिक असर बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों पर पड़ सकता है। रेपो रेट में किसी भी बदलाव का सीधा प्रभाव बैंकों की उधारी लागत, ऋण वितरण और लाभप्रदता पर पड़ता है। यही कारण है कि निवेशकों की नजर प्रमुख बैंकिंग शेयरों पर बनी हुई है।
इसके अलावा वित्तीय सेवा कंपनियों, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों और बीमा क्षेत्र से जुड़े शेयरों में भी गतिविधि बढ़ सकती है।
आईटी और हेल्थकेयर शेयरों में मजबूती
शुरुआती कारोबार में आईटी और हेल्थकेयर क्षेत्र के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी आईटी सूचकांक में मजबूती दर्ज की गई, जिससे निवेशकों का रुझान टेक्नोलॉजी कंपनियों की ओर बढ़ता दिखाई दिया।
हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर भी सकारात्मक दायरे में रहे। निवेशकों का मानना है कि वैश्विक मांग और घरेलू बाजार की मजबूती इन क्षेत्रों को समर्थन प्रदान कर सकती है।
किन शेयरों पर निवेशकों की नजर?
आज के कारोबार में इंडिगो, HDFC AMC, ऑरोबिंदो फार्मा और कुछ प्रमुख बैंकिंग शेयर निवेशकों के फोकस में बने हुए हैं। इसके अलावा आईटी कंपनियों और उपभोक्ता क्षेत्र के शेयरों में भी खरीदारी का रुझान देखा गया।
बाजार में यह उम्मीद भी दिखाई दे रही है कि यदि RBI का रुख सकारात्मक रहता है तो निवेशकों का विश्वास और मजबूत होगा, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में तेजी का माहौल बन सकता है।
वैश्विक संकेत भी दे रहे समर्थन
भारतीय बाजार को वैश्विक संकेतों से भी कुछ समर्थन मिला है। हालांकि एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला, लेकिन घरेलू निवेशकों का ध्यान मुख्य रूप से RBI के फैसले और भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़े संकेतों पर केंद्रित रहा।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और भारत के बीच संभावित व्यापार समझौते को लेकर सकारात्मक टिप्पणियों ने भी निवेशकों की धारणा को मजबूत किया है। वैश्विक निवेशक भारत को तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में देख रहे हैं, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई देता है।
सेक्टोरल प्रदर्शन रहा सकारात्मक
- निफ्टी आईटी सूचकांक में मजबूती दर्ज की गई।
- हेल्थकेयर और फार्मा शेयरों में खरीदारी रही।
- कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर ने सकारात्मक प्रदर्शन किया।
- ऑटो शेयरों में भी निवेशकों की रुचि दिखाई दी।
- कैपिटल गुड्स और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में तेजी का माहौल रहा।
बाजार की चौड़ाई भी सकारात्मक रही। बढ़ने वाले शेयरों की संख्या गिरने वाले शेयरों से अधिक रही, जो निवेशकों के मजबूत विश्वास को दर्शाती है।
आगे क्या देखेंगे निवेशक?
अब पूरे बाजार की नजर RBI गवर्नर के बयान और MPC के फैसले पर टिकी हुई है। यदि केंद्रीय बैंक महंगाई को नियंत्रण में बताते हुए विकास को प्राथमिकता देने वाले संकेत देता है तो बाजार में तेजी और मजबूत हो सकती है। दूसरी ओर, किसी अप्रत्याशित टिप्पणी की स्थिति में निवेशकों की प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद, घरेलू मांग और निवेश गतिविधियां बाजार को समर्थन देती रहेंगी। हालांकि अल्पकाल में RBI की घोषणा दिनभर के कारोबार की दिशा तय करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक बनी रहेगी।
स्रोत: Moneycontrol, बाजार आंकड़े एवं एजेंसी रिपोर्ट



