नई दिल्ली | राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 के पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस पूरे पुनर्परीक्षा प्रक्रिया की व्यक्तिगत निगरानी कर रहे हैं।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा, “प्रधानमंत्री व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं ताकि कहीं कोई कमी न रह जाए।”
केंद्र सरकार ने कोर्ट को यह भी अवगत कराया कि 21 जून को होने वाली NEET-UG परीक्षा के लिए कुछ नए सुरक्षा तंत्र लागू किए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने पर जोर देते हुए कहा, “अगर ऐसी घटना होती है तो यह युवाओं के लिए बेहद आघात पहुंचाने वाली बात है। हमें अपने युवाओं को निराश नहीं करना चाहिए।”
इस पर केंद्र सरकार ने जवाब दिया, “हम युवाओं से जुड़े मुद्दे से निपट रहे हैं। सरकार उनके हितों और चिंताओं को लेकर बेहद गंभीर है।”
NTA का बड़ा बयान
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद और परीक्षा रद्द किए जाने के बाद उसने बड़े स्तर पर संरचनात्मक और सुरक्षा संबंधी सुधार किए हैं।
एजेंसी ने परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और छेड़छाड़-मुक्त बनाने के लिए व्यापक बदलाव लागू किए हैं।
पृष्ठभूमि
इस साल NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक की घटना सामने आने के बाद पूरे देश में छात्रों और अभिभावकों में व्यापक आक्रोश फैला था। कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन भी हुए थे। इसके बाद सरकार ने विवादित परीक्षा को रद्द कर नई तारीख घोषित की थी।
यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, जहां छात्रों के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर चर्चा हो रही है।
शिक्षा विशेषज्ञों की राय
शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में बार-बार होने वाली अनियमितताएं न सिर्फ छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल रही हैं, बल्कि चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर भी सवाल उठा रही हैं।
Education Desk अदर्श कुमार राय RI News
Published on: शुक्रवार, 29 मई 2026 | समय: 04:10 PM IST



