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बदायूं-बरेली में गंगा दशहरा हादसा: स्नान के दौरान 31 श्रद्धालु डूबे, 7 की मौत, एक बच्ची लापता

— RI News Desk | Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश के बदायूं और बरेली जिलों में गंगा दशहरा के अवसर पर सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। गंगा स्नान के दौरान कुल 31 श्रद्धालु नदी में डूब गए। इनमें सात लोगों की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची अब भी लापता बताई जा रही है। शेष श्रद्धालुओं को स्थानीय गोताखोरों और नाविकों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

घटना के बाद कछला गंगा घाट समेत आसपास के क्षेत्रों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन और पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया।

डीएम और एसएसपी की अपील के बावजूद बढ़ते रहे श्रद्धालु

रिपोर्टों के अनुसार, बदायूं के जिलाधिकारी अविनाश राय और एसएसपी अंकिता शर्मा लगातार गंगा घाट पर मौजूद रहकर लोगों से गहरे पानी में नहीं जाने की अपील कर रहे थे। इसके बावजूद कई श्रद्धालु नदी के तेज बहाव और गहराई की ओर बढ़ते रहे।

सुबह करीब आठ बजे हाथरस जिले के गांव कानऊ निवासी ओमवीर अपने बेटे नीलेश और रिश्तेदारों के साथ कछला घाट पहुंचे थे। मुख्य घाट से करीब एक किलोमीटर दूर एकांत क्षेत्र में स्नान करते समय अचानक कई लोग गहरे पानी में फंस गए।

डूबने वालों में नीलेश, विकास, चार वर्षीय कृष्णा, शालिनी, दस वर्षीय शिखा और रोहित समेत कई लोग शामिल थे। स्थिति बिगड़ते ही स्थानीय नाविकों और गोताखोरों — सरवन, जाबिर, अनिल, नाजिर और सद्दाम — ने तुरंत नदी में छलांग लगाकर बचाव अभियान शुरू किया।

गोताखोरों ने कई लोगों की बचाई जान

स्थानीय गोताखोरों की तत्परता के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को समय रहते बाहर निकाल लिया गया। हालांकि सात लोगों को बचाया नहीं जा सका। प्रशासन द्वारा मृतकों की पहचान और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया जारी है।

एक बच्ची के अब भी लापता होने के कारण एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम नदी में लगातार तलाश अभियान चला रही है।

गंगा दशहरा पर उमड़ी थी भारी भीड़

गंगा दशहरा के अवसर पर बदायूं और बरेली के घाटों पर सुबह से ही भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। प्रशासन ने सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग और चेतावनी घोषणाओं की व्यवस्था की थी, लेकिन भीड़ और धार्मिक उत्साह के बीच कई लोग सुरक्षा निर्देशों की अनदेखी करते दिखाई दिए।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी में स्नान करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करें और निर्धारित क्षेत्र से बाहर न जाएं।

RI News विश्लेषण

हर वर्ष गंगा दशहरा, छठ और अन्य बड़े धार्मिक आयोजनों में नदी घाटों पर भीड़ बढ़ने के साथ हादसों की घटनाएं सामने आती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर्याप्त नहीं होती, बल्कि लोगों में सुरक्षा जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है।

विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकांश हादसे निर्धारित सीमाओं से आगे जाने, बच्चों पर पर्याप्त निगरानी नहीं रखने और तेज बहाव का गलत अनुमान लगाने के कारण होते हैं। ऐसे आयोजनों में आधुनिक निगरानी तकनीक, अतिरिक्त गोताखोर और सख्त प्रतिबंध क्षेत्र बनाना अब जरूरी होता जा रहा है।

बदायूं और बरेली की यह घटना एक बार फिर धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा प्रबंधन और जन-जागरूकता दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।


स्रोतः आरआई न्यूज फीड नेटवर्क (एकीकृत) | संपादक मंडल: आरआई न्यूज डेस्क (RI News Desk)

📅 प्रकाशित तिथि: 25 May 2026 को 09:07 PM बजे | गाजीपुर, उत्तर प्रदेश

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