— Awanish Kumar Rai | Bureau Chief, Ghazipur
लौवाडिह/गाजीपुर | 21 मई 2026
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे Industrial Corridor विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। गाजीपुर जनपद में अब तक लगभग 200 हेक्टेयर जमीन की खरीद पूरी हो चुकी है और अब उद्यम स्थापना से पहले सड़क निर्माण की तैयारी शुरू कर दी गई है।
यूपीडा ने इसके लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार कर ली है। सड़क निर्माण के बाद बिजली, पावर हाउस, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार की योजना है कि हैदरिया से लखनऊ तक फैले 340 किलोमीटर लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को औद्योगिक विकास की नई धुरी बनाया जाए।
गाजीपुर बना Industrial Corridor का बड़ा केंद्र
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का अंतिम छोर होने के कारण गाजीपुर को Industrial Corridor के लिए विशेष रूप से चिह्नित किया गया है। मुहम्मदाबाद तहसील क्षेत्र में 4 जनवरी 2024 से किसानों की जमीन का बैनामा शुरू हुआ था।
पहले चरण में सोनाड़ी, बघौरी और भोपतपुर गांवों की जमीन खरीदी गई, जबकि दूसरे चरण में चकफातमा, अवथहीं और वाजिदपुर के किसानों की जमीन का अधिग्रहण पूरा हुआ। अब तक 200 हेक्टेयर से अधिक भूमि की रजिस्ट्री हो चुकी है।
सूत्रों के अनुसार यूपीडा ने इस भूमि खरीद पर करीब 700 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। अभी भी लगभग 200 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि खरीद की प्रक्रिया जारी है।
रिलायंस समूह लगाएगा 500 करोड़ का Beverage Plant
Industrial Corridor की सबसे बड़ी खबर यह है कि रिलायंस समूह ने यहां लगभग 120 एकड़ भूमि पर Food Processing एवं Beverage उद्योग लगाने की इच्छा जताई है। प्रस्तावित परियोजना की लागत करीब 500 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
करइल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मिर्च, मटर, टमाटर, केला और अन्य सब्जियों के उत्पादन को देखते हुए कंपनी यहां Soft Drink, Cold Drink और Juice उत्पादन इकाई स्थापित करने की तैयारी कर रही है।
यदि यह परियोजना शुरू होती है तो पूर्वांचल क्षेत्र में Food Processing उद्योग को नई दिशा मिल सकती है। स्थानीय किसानों को सीधे बाजार और प्रोसेसिंग उद्योग से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
सड़क निर्माण की तैयारी शुरू
यूपीडा की निर्माण विभाग टीम ने खरीदी गई जमीन पर सड़क और अप्रोच मार्ग के लिए लेआउट तैयार कर लिया है। पिछले दिनों अधिकारियों ने मौके पर सर्वे भी किया।
यूपीडा लखनऊ के भू-अर्जन अधिकारी नागेंद्र शर्मा के अनुसार, Investor Summit में रिलायंस समूह द्वारा प्रस्ताव देने के बाद सड़क निर्माण प्रक्रिया तेज कर दी गई है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
सड़क बनने के बाद Industrial Corridor में बिजली, पानी और अन्य औद्योगिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे बड़े उद्योगों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
विश्लेषण
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को केवल परिवहन परियोजना नहीं बल्कि आर्थिक विकास कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की रणनीति अब स्पष्ट दिखाई देने लगी है। गाजीपुर जैसे पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में लंबे समय से बड़े उद्योगों की कमी रही है।
यदि रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियां यहां निवेश करती हैं, तो इससे पूर्वांचल में रोजगार, कृषि आधारित उद्योग और लॉजिस्टिक सेक्टर को भारी गति मिल सकती है। Beverage एवं Food Processing उद्योग किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि एक्सप्रेसवे आधारित Industrial Corridor मॉडल आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई पहचान दे सकता है।
प्रभाव
इस परियोजना का सबसे बड़ा प्रभाव रोजगार के रूप में दिखाई दे सकता है। स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी। साथ ही किसानों को फसल का बेहतर मूल्य और सीधी सप्लाई चेन उपलब्ध हो सकती है।
गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़ और बलिया जैसे जिलों में छोटे उद्योग और परिवहन व्यवसाय भी इससे लाभान्वित होंगे। Industrial Corridor बनने के बाद पूर्वांचल में भूमि और व्यापारिक गतिविधियों का मूल्य भी तेजी से बढ़ सकता है।
निष्कर्ष
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहा Industrial Corridor उत्तर प्रदेश के आर्थिक नक्शे में बड़ा बदलाव ला सकता है। यदि सड़क, बिजली और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया समय पर पूरी हुई, तो गाजीपुर आने वाले वर्षों में पूर्वांचल का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बन सकता है।
रिलायंस समूह की संभावित 500 करोड़ की परियोजना ने इस योजना को नई गति दी है और अब लोगों की नजरें इस पर टिकी हैं कि जमीन अधिग्रहण और आधारभूत संरचना का काम कितनी तेजी से आगे बढ़ता है।
स्रोत: दैनिक जागरण, यूपीडा अधिकारी, स्थानीय प्रशासनिक जानकारी
स्रोतः आरआई न्यूज फीड नेटवर्क (एकीकृत) | संपादक मंडल: आरआई न्यूज डेस्क (RI News Desk)
📅 प्रकाशित तिथि: 21 May 2026 को 10:46 PM बजे | गाजीपुर, उत्तर प्रदेश



