18 मई 2026 | टेक-साइंस डेस्क | RI News
कल्पना कीजिए कि आपके ऑफिस या घर की खिड़कियों का कांच केवल रोशनी आने का माध्यम न रहकर खुद बिजली भी बनाने लगे। सिंगापुर की Nanyang Technological University के वैज्ञानिकों ने इस कल्पना को वास्तविकता के करीब पहुंचा दिया है।
विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा अल्ट्रा-थिन और लगभग अदृश्य सोलर सेल विकसित किया है, जिसे पारदर्शी कांच पर लगाया जा सकता है। यह तकनीक सूर्य की रोशनी को ऊर्जा में बदलने में सक्षम है और भविष्य में इमारतों, कारों और पहनने योग्य उपकरणों को ऊर्जा उत्पादक बना सकती है।
यह शोध प्रतिष्ठित वैज्ञानिक जर्नल ACS Energy Letters में प्रकाशित हुआ है।
क्या है इस नई तकनीक की खासियत
इस नई तकनीक में वैज्ञानिकों ने “पेरोव्स्काइट” नामक विशेष सामग्री का उपयोग किया है। यह पदार्थ सूर्य के प्रकाश को बहुत प्रभावी ढंग से अवशोषित करने की क्षमता रखता है।
शोध टीम का नेतृत्व एसोसिएट प्रोफेसर Annalisa Bruno ने किया। वैज्ञानिकों ने “थर्मल इवैपोरेशन” नामक वैक्यूम आधारित तकनीक का इस्तेमाल कर कांच पर बेहद सूक्ष्म परतें तैयार कीं।
इन सोलर सेल्स की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि:
- ये लगभग पूरी तरह पारदर्शी हैं
- इनमें रंग दिखाई नहीं देता
- ये बेहद पतले हैं
- फिर भी बिजली उत्पादन क्षमता प्रभावशाली है
सामान्य सोलर पैनल से कैसे अलग है यह तकनीक
आज इस्तेमाल होने वाले पारंपरिक सोलर पैनल बड़े, भारी और स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले होते हैं। उन्हें लगाने के लिए अलग जगह की आवश्यकता होती है।
लेकिन नई पारदर्शी सोलर तकनीक सीधे:
- खिड़कियों
- कांच की दीवारों
- वाहन के शीशों
- स्मार्ट डिवाइस
पर लगाई जा सकती है।
यानी भविष्य में ऊंची इमारतों की पूरी ग्लास सतह खुद ऊर्जा उत्पादन कर सकती है।
शहरों और पर्यावरण के लिए क्यों महत्वपूर्ण
दुनिया तेजी से ऊर्जा संकट और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों की मांग लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तकनीक व्यावसायिक स्तर पर सफल होती है, तो:
- शहरों की ऊर्जा खपत घट सकती है
- कार्बन उत्सर्जन कम हो सकता है
- स्मार्ट बिल्डिंग्स अधिक आत्मनिर्भर बन सकती हैं
- पारंपरिक बिजली पर निर्भरता घट सकती है
भविष्य में कहाँ हो सकता है उपयोग
इस तकनीक के संभावित उपयोग बहुत व्यापक माने जा रहे हैं:
- स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट
- ग्रीन बिल्डिंग
- इलेक्ट्रिक वाहन
- मोबाइल और वेयरेबल डिवाइस
- एयरपोर्ट और कॉर्पोरेट ऑफिस
तक फैल सकते हैं।
RI News विश्लेषण
पारदर्शी सोलर ग्लास केवल एक वैज्ञानिक प्रयोग नहीं बल्कि भविष्य की ऊर्जा व्यवस्था की झलक माना जा रहा है। दुनिया अब ऐसी तकनीकों की तलाश में है जो पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा उत्पादन दोनों को साथ लेकर चल सकें।
यदि यह तकनीक बड़े पैमाने पर सस्ती और व्यावहारिक बन पाती है, तो आने वाले वर्षों में इमारतों की खिड़कियां केवल रोशनी का स्रोत नहीं बल्कि बिजली उत्पादन का माध्यम भी बन सकती हैं।
स्रोत: Gadgets 360
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