नई दिल्ली/अहमदाबाद | RI News Desk | 15 मई 2026
भारत के उद्योगपति Gautam Adani और Adani Group के लिए अमेरिका से बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने अडानी के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोपों को वापस लेने का फैसला किया है। यह दावा अमेरिकी अखबार The New York Times की रिपोर्ट में किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी न्याय विभाग जल्द ही इस मामले में आधिकारिक कदम उठा सकता है, हालांकि अभी तक अमेरिकी प्रशासन की ओर से औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है।
क्या था पूरा मामला?
नवंबर 2024 में अमेरिकी अभियोजकों ने गौतम अडानी, उनके भतीजे सागर अडानी और छह अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। आरोप था कि उन्होंने भारतीय अधिकारियों को लगभग 250 मिलियन डॉलर (करीब 2,100 करोड़ रुपये) की रिश्वत देकर सोलर एनर्जी से जुड़े बड़े सरकारी अनुबंध हासिल करने की कोशिश की।
21 नवंबर 2024 को न्यूयॉर्क की अदालत में धोखाधड़ी, रिश्वतखोरी और आपराधिक साजिश सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। उस समय यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी चर्चित हुआ था और इसका असर अडानी समूह के शेयरों पर भी दिखाई दिया था।
अडानी समूह पर पड़ा था बड़ा असर
उस दौर में अडानी समूह पहले से ही बाजार में अस्थिरता और अन्य वित्तीय आरोपों का सामना कर रहा था। ऐसे में अमेरिकी मुकदमे ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी थी। समूह के कई शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई थी और वैश्विक निवेशकों के बीच भी अनिश्चितता का माहौल बन गया था।
Adani Enterprises सहित समूह की कई कंपनियां ऊर्जा, बंदरगाह, हवाई अड्डा, सीमेंट, कोयला और मीडिया क्षेत्रों में सक्रिय हैं। भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में अडानी समूह की बड़ी भूमिका मानी जाती है।
अब क्यों महत्वपूर्ण माना जा रहा है यह फैसला?
करीब डेढ़ साल बाद यदि अमेरिकी अभियोजक आधिकारिक रूप से आरोप वापस लेते हैं, तो इसे अडानी समूह के लिए बड़ी कानूनी और कारोबारी राहत माना जाएगा। इससे कंपनी की वैश्विक छवि मजबूत हो सकती है और भारतीय शेयर बाजार में भी सकारात्मक संकेत देखने को मिल सकते हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस फैसले से विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है और अडानी समूह की अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं को भी गति मिल सकती है।
अडानी समूह का क्या था पक्ष?
अडानी समूह ने शुरुआत से ही सभी आरोपों को “बेबुनियाद” और “तथ्यहीन” बताया था। कंपनी का कहना था कि वह सभी कारोबारी गतिविधियां कानून और पारदर्शिता के दायरे में संचालित करती है।
अब अमेरिकी रिपोर्ट सामने आने के बाद बाजार की नजर न्याय विभाग की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई है।
रिपोर्ट: एएफपी / न्यूयॉर्क टाइम्स
अपडेट: 15 मई 2026 | सुबह 5:40 बजे
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