RINews Desk Published: 11 मई 2026 | सुबह 09:15 बजे IST

उत्तर प्रदेश कैबिनेट विस्तार की तैयारियों के बीच लखनऊ में भाजपा नेताओं के साथ चर्चा करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
लखनऊ/आगरा, 11 मई 2026: योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे कैबिनेट विस्तार के महज 24 घंटे बाद भाजपा में संगठनात्मक पदों को लेकर हलचल तेज हो गई है। खासकर ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष पद पर लॉबिंग इतनी तेज हो गई है कि पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि 20 मई से पहले नई सूची आ सकती है।
कैबिनेट विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने के बाद अब पार्टी ब्रज क्षेत्र (आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, फिरोजाबाद, कासगंज, एटा, मैनपुरी आदि) में भी मजबूत संगठनात्मक नेतृत्व स्थापित करना चाहती है, क्योंकि 2027 के विधानसभा चुनाव में इस क्षेत्र की अहम भूमिका होगी।
क्यों तेज हुई लॉबिंग?
10 मई को हुए कैबिनेट विस्तार में भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडेय, कृष्णा पासवान, सुरेंद्र दिलेर, हंसराज विश्वकर्मा, कैलाश राजपूत जैसे चेहरों को जगह मिलने के बाद अब पार्टी कार्यकर्ता और नेता संगठनात्मक पदों पर नजर टिका रहे हैं। ब्रज क्षेत्र में पिछड़े, दलित और वैश्य वोट बैंक को साधने के लिए नया क्षेत्रीय अध्यक्ष नियुक्त करने की चर्चा जोरों पर है।
मौजूदा ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य (पिछड़ा वर्ग) का कार्यकाल पूरा होने वाला है। पार्टी में दो कार्यकाल देने की परंपरा को देखते हुए उनके रिपीट होने की संभावना है, लेकिन कई अन्य दावेदार भी मैदान में हैं।
ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदार
- दुर्विजय सिंह शाक्य (मौजूदा अध्यक्ष): पिछड़ा वर्ग से, ब्रज क्षेत्र में शाक्य वोट बैंक मजबूत। दो कार्यकाल देने की परंपरा का फायदा मिल सकता है।
- रामप्रताप सिंह चौहान (पार्टी महामंत्री): क्षत्रिय चेहरा, संगठन में लंबा अनुभव।
- विजय शिवहरे (एमएलसी): पिछड़ा वर्ग, ब्रज क्षेत्र में अच्छी पहचान।
- प्रमोद गुप्ता (आगरा महानगर पूर्व अध्यक्ष): वैश्य समाज से, आगरा में मजबूत पकड़।
- नागेंद्र सिकरवार (मथुरा): क्षत्रिय, ब्रज क्षेत्र के तीन महामंत्रियों में शामिल।
- हेमंत राजपूत (अलीगढ़): पिछड़ा वर्ग।
- राकेश मिश्रा (शाहजहांपुर): ब्राह्मण चेहरा, अकेले ब्राह्मण दावेदार।
- आलोक गुप्ता (मैनपुरी उपाध्यक्ष) और हर्षवर्धन आर्य गुप्ता (बरेली): वैश्य समाज से।
जातीय समीकरण पर फोकस
सपा विपक्ष में पिछड़ों और दलितों पर खास फोकस कर रही है। ऐसे में भाजपा ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष के चयन में जातीय संतुलन को विशेष ध्यान दे रही है। क्षेत्र में शाक्य, यादव, जाटव, ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य वोट बैंक निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, नए अध्यक्ष के चयन में 2027 चुनाव को ध्यान में रखकर रणनीति बनाई जा रही है। ब्रज क्षेत्र में BJP की मजबूत पकड़ बनाए रखने के लिए संगठन को और चुस्त करने की जरूरत है।
विश्लेषण: 2027 चुनाव की तैयारी
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि कैबिनेट विस्तार के बाद संगठनात्मक बदलाव BJP की 2027 की रणनीति का हिस्सा हैं। पश्चिमी UP और ब्रज क्षेत्र में पिछले लोकसभा चुनाव में कुछ सीटों पर BJP को चुनौती मिली थी। अब पार्टी इन क्षेत्रों में न सिर्फ सरकार बल्कि संगठन को भी मजबूत करना चाहती है।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह इस पूरे प्रक्रिया पर नजर रखे हुए हैं। माना जा रहा है कि क्षेत्रीय अध्यक्षों के साथ-साथ कई जिलाध्यक्षों की सूची भी जल्द जारी हो सकती है।
निष्कर्ष
योगी कैबिनेट विस्तार के बाद ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष पद पर तेज लॉबिंग BJP की आंतरिक गतिशीलता को दर्शाती है। पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हर स्तर पर तैयारियों को तेज कर रही है। अब देखना यह होगा कि ब्रज क्षेत्र का नया अध्यक्ष कौन बनता है और पार्टी जातीय-क्षेत्रीय समीकरण कैसे साधती है।
