
तमिलनाडु में विजय की TVK सरकार बहुमत से कुछ कदम दूर, गठबंधन समर्थन पर सस्पेंस बरकरार।
चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा सस्पेंस बना हुआ है। अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिऴगा वेत्री कड़गम (TVK) बहुमत के बेहद करीब पहुंचने के बावजूद अभी तक सरकार गठन सुनिश्चित नहीं कर पाई है। राज्य में पहली बार संभावित गठबंधन सरकार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
सूत्रों के अनुसार विजय के पास फिलहाल 116 निर्वाचित विधायकों का समर्थन है, जबकि बहुमत के लिए आवश्यक संख्या अभी पूरी नहीं हुई है। ऐसे में दो छोटे दलों द्वारा समर्थन से पीछे हटने के बाद स्थिति और जटिल हो गई है।
AMMK और IUML ने बढ़ाई मुश्किलें
टीटीवी दिनाकरन की पार्टी AMMK और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने साफ संकेत दिए हैं कि वे TVK सरकार को समर्थन नहीं देंगे। इससे विजय के शपथ ग्रहण को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
अब VCK के दो विधायक बने निर्णायक
सरकार गठन की कुंजी अब विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) के हाथों में मानी जा रही है। पार्टी के दो विधायक यदि समर्थन देते हैं, तो विजय बहुमत साबित कर सकते हैं।
सूत्रों का कहना है कि VCK प्रमुख थोल थिरुमावलवन अभी DMK नेतृत्व के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं और आज पार्टी अपना अंतिम रुख स्पष्ट कर सकती है।
राज्यपाल से कई दौर की मुलाकात
विजय ने इस सप्ताह राज्यपाल आर. वी. अर्लेकर से तीन बार मुलाकात की है। हालांकि राजभवन सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल अभी स्पष्ट बहुमत को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। इसी कारण आज शपथ ग्रहण की संभावना लगभग खत्म मानी जा रही है।
तमिलनाडु की राजनीति में नया दौर
यदि TVK सरकार बनती है, तो यह तमिलनाडु के इतिहास की पहली पूर्ण गठबंधन सरकारों में से एक मानी जाएगी। लंबे समय तक DMK और AIADMK के प्रभुत्व वाले राज्य में विजय का उभार दक्षिण भारतीय राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले 24 घंटे तमिलनाडु की सत्ता की दिशा तय कर सकते हैं।




