‘वंदे मातरम’ पर अब राज्यसभा में बहस, अमित शाह ने प्रियंका गांधी के सवालों का दिया जवाब


RI News India | नई दिल्ली | 9 दिसंबर 2025

राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर मंगलवार को राज्यसभा में हुई विशेष चर्चा राजनीतिक रूप से बेहद गर्म रही। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के लोकसभा में उठाए गए सवालों का क्रमवार जवाब दिया। प्रियंका ने सोमवार को लोकसभा में इस बहस को “चुनावी स्टंट” और “इतिहास को तोड़-मरोड़ने की कोशिश” बताया था। शाह ने इसका पलटवार करते हुए कहा—“जो लोग ‘वंदे मातरम’ को नहीं समझते, वही इसे चुनाव से जोड़ते हैं।”

अमित शाह का सीधा हमला: “कांग्रेस के डीएनए में है विरोध”
अमित शाह ने सदन में कहा:
“कुछ लोग पूछ रहे हैं कि 150 साल बाद आज ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा क्यों? मेरा जवाब है – यह चर्चा 1882 में भी जरूरी थी, स्वतंत्रता संग्राम में भी जरूरी थी, आज भी है और 2047 में विकसित भारत बनने पर भी रहेगी।”
“वंदे मातरम का विरोध नेहरू जी से चला आ रहा है। 1972 में जब 100 साल पूरे हुए तो इंदिरा जी ने आपातकाल थोप दिया। कल लोकसभा में चर्चा शुरू हुई तो गांधी परिवार के दोनों सदस्य (राहुल-प्रियंका) गायब थे।”
“INDI गठबंधन के कई नेताओं ने खुलेआम कहा था – हम ‘वंदे मातरम’ नहीं गाएंगे। सदन में जब गाया जाता है तो कई सदस्य बाहर चले जाते हैं।”
अंत में शाह ने कहा—“वंदे मातरम के टुकड़े करने वालों और तुष्टिकरण करने वालों से सावधान रहने की जरूरत है।”

प्रियंका गांधी के आरोपों पर शाह का जवाब
प्रियंका गांधी ने सोमवार को कहा था:
“यह चर्चा दो कारणों से हो रही है – एक, बंगाल चुनाव में मोदी जी की एंट्री कराना; दो, नेहरू-इंदिरा पर नए-नए आरोप लगाना।”
“वंदे मातरम पहले से देश की आत्मा में बसा है, इसे चुनावी हथियार बनाने की जरूरत नहीं।”
शाह ने जवाब दिया: “यह गीत बंगाल से निकला, लेकिन पूरे भारत का है। इसे चुनाव से जोड़ना उन लोगों की मजबूरी है जो राष्ट्रभावना को नहीं समझते।”

खड़गे का पलटवार
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा:
“वंदे मातरम को नारा कांग्रेस ने ही बनाया। आप लोग तो हमेशा इसके खिलाफ रहे।”
“यह चर्चा रुपया 86 पर पहुंचने, महंगाई और बेरोजगारी से ध्यान हटाने के लिए है।”
उन्होंने सदन में ‘वंदे मातरम’ के नारे भी लगाए।

सदन में हंगामा
अमित शाह के भाषण के दौरान विपक्ष ने कई बार शोर-शराबा किया। प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना UBT) और महुआ मांझी (JMM) ने सरकार पर “इतिहास तोड़-मरोड़ने” का आरोप लगाया।

मुख्य बिंदु एक नजर में:
अमित शाह (बीजेपी): कांग्रेस के डीएनए में वंदे मातरम का विरोध, यह राष्ट्र की आत्मा है
प्रियंका गांधी: बहस का मकसद बंगाल चुनाव + नेहरू परिवार पर हमला
मल्लिकार्जुन खड़गे: कांग्रेस ने ही इसे नारा बनाया, सरकार ध्यान भटका रही है

चर्चा का समापन बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा के भाषण के साथ हुआ।

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