बढ़ते ब्रह्माण्ड संबंधी रहस्यों के बीच वैज्ञानिक डार्क मैटर सिद्धांत पर पुनर्विचार कर रहे हैं
वैज्ञानिकों ने डार्क मैटर को लेकर एक नया सिद्धांत पेश किया है, जिसमें कहा गया है कि डार्क मैटर के कण केवल गुरुत्वाकर्षण से ही नहीं बल्कि आपस में भी टकरा सकते हैं। इस “Self-Interacting Dark Matter” (SIDM) मॉडल के अनुसार, डार्क मैटर के कण आपसी टकराव के कारण घने कोर (Dense Cores) बना सकते हैं, जो ब्रह्मांड में दिखाई देने वाली कई रहस्यमयी घटनाओं को समझाने में मदद कर सकते हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह सिद्धांत gravitational lensing, stellar streams और dwarf galaxies जैसी तीन बड़ी ब्रह्मांडीय पहेलियों का समाधान दे सकता है। अध्ययन में gravothermal collapse प्रक्रिया का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें ऊर्जा के फैलाव से डार्क मैटर का केंद्रीय भाग अधिक घना और गर्म हो जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह मॉडल पारंपरिक Cold Dark Matter Theory की तुलना में ब्रह्मांड की संरचना को बेहतर ढंग से समझा सकता है।
स्रोत: गैजेट्स 360
