
लखनऊ/गाजीपुर, 7 जून 2026: गाजीपुर में हुए चर्चित कमलेश बिंद एनकाउंटर को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। प्रदेश सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा है कि विनीत राय हत्याकांड के अन्य मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं, लेकिन कार्रवाई केवल कमलेश बिंद पर हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह निषाद और बिंद समाज के साथ भेदभावपूर्ण रवैया दर्शाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि वह इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करेंगे।
दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्पष्ट किया कि गाजीपुर एनकाउंटर की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विनीत राय हत्याकांड से जुड़ा है मामला
29 मई 2026 की रात गाजीपुर में होटल कारोबारी आलोक राय के पुत्र विनीत राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पूरे जिले में सनसनी फैल गई थी। परिजनों की तहरीर पर कटरा गैंग के सरगना शंकर पांडेय, सोनू यादव, कमलेश बिंद और मोनू त्रिपाठी के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान शुरू किया। मुख्य आरोपी शंकर पांडेय पर एक लाख रुपये, जबकि सोनू यादव और मोनू त्रिपाठी पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।
कमलेश बिंद मुठभेड़ में ढेर
3 जून की रात पुलिस ने दावा किया कि कमलेश बिंद के साथ मुठभेड़ हुई, जिसमें वह मारा गया। कमलेश बिंद पर भी एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के प्रयास के दौरान हुई मुठभेड़ में उसने जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद वह मारा गया।
हालांकि एनकाउंटर के बाद से ही इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठने लगे। कुछ सामाजिक संगठनों और राजनीतिक नेताओं ने पूछा कि जब अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं तो कार्रवाई केवल एक आरोपी तक ही क्यों सीमित रही।
संजय निषाद ने उठाए सवाल
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि यदि पुलिस वास्तव में निष्पक्ष कार्रवाई कर रही है तो विनीत राय हत्याकांड के अन्य आरोपियों पर भी वैसी ही कार्रवाई होनी चाहिए जैसी कमलेश बिंद के खिलाफ की गई। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी सरकार के खिलाफ माहौल बनाने का काम कर रहे हैं और ऐसी घटनाएं चुनावी वर्ष में सरकार के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वह पूरे मामले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष रखेंगे और निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे। निषाद ने आरोप लगाया कि निषाद और बिंद समाज के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे समाज में असंतोष बढ़ सकता है।
केशव मौर्य ने दिया जांच का भरोसा
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सरकार किसी भी मामले में पारदर्शिता और निष्पक्षता से समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या प्रक्रिया संबंधी त्रुटि सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मौर्य के इस बयान को सरकार की ओर से मामले को गंभीरता से लेने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
अब भी फरार हैं तीन आरोपी
विनीत राय हत्याकांड में नामजद तीन आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। इनमें कटरा गैंग का सरगना शंकर पांडेय भी शामिल है, जिस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित है। इसके अलावा सोनू यादव और मोनू त्रिपाठी पर 50-50 हजार रुपये का इनाम रखा गया है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
राजनीतिक असर भी दिखने लगा
गाजीपुर का यह मामला अब केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है। मंत्री संजय निषाद के बयान के बाद यह राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई या फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी हुई तो विवाद और बढ़ सकता है।
दूसरी ओर सरकार यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी प्रकार की शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
मौजूदा स्थिति
फिलहाल कमलेश बिंद एनकाउंटर को लेकर विवाद जारी है। मंत्री संजय निषाद मुख्यमंत्री से शिकायत करने की बात कह चुके हैं, जबकि उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य जांच का आश्वासन दे चुके हैं। वहीं पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। आने वाले दिनों में जांच और गिरफ्तारी की प्रगति पर सभी की नजर बनी रहेगी।
स्रोत: दैनिक भास्कर इनपुट एवं स्थानीय रिपोर्ट
— Awanish Kumar Rai | Bureau Chief, Ghazipur



