Date: 17 दिसंबर 2025 | RI News Desk
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफ़ा देने की मांग की है। उन्होंने यह मांग राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े एक गंभीर मामले को लेकर की, जिसमें केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। खड़गे ने कहा कि जिस तरह से पूरे मामले को हैंडल किया गया है, उससे लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थागत निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार जवाबदेही से बच रही है और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए जनता के सामने जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को अपने फैसलों पर भरोसा है, तो शीर्ष नेतृत्व को पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।
प्रभाव:
इस बयान से राष्ट्रीय राजनीति में टकराव और तेज़ होने की संभावना है। संसद के भीतर और बाहर विपक्ष सरकार पर हमलावर रुख अपना सकता है, जिससे राजनीतिक माहौल और अधिक गरमाने की आशंका है।
RI विश्लेषण:
खड़गे का यह बयान केवल एक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि यह विपक्ष की उस रणनीति को दर्शाता है, जिसमें नैतिकता और जवाबदेही को प्रमुख मुद्दा बनाया जा रहा है। हालाँकि ऐसे इस्तीफ़ा मांगने वाले बयान भारतीय राजनीति में आम हैं, लेकिन इनका वास्तविक असर तब पड़ता है जब आरोपों के साथ ठोस सबूत और जनसमर्थन जुड़ता है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह मुद्दा संसद और जनता के बीच कितना प्रभाव छोड़ पाता है।
Source: NDTV
