
अंतरराष्ट्रीय डेस्क
, 20 मार्च 2026: मिडिल ईस्ट में ईरान-इजरायल युद्ध ने नया मोड़ ले लिया है। ईरान ने कतर के Ras Laffan Industrial City – दुनिया के सबसे बड़े लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) एक्सपोर्ट हब – पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन अटैक किए हैं। इस हमले से प्लांट में भारी क्षति (extensive damage) हुई, कई जगहों पर आग लग गई और उत्पादन ठप हो गया।
QatarEnergy (कतर की सरकारी एनर्जी कंपनी) ने आधिकारिक बयान में कन्फर्म किया कि 18-19 मार्च की रात को हुए अटैक से Pearl GTL फैसिलिटी और अन्य LNG यूनिट्स बुरी तरह प्रभावित हुए। कतर के डिफेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक, 5 बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की गईं – 4 को इंटरसेप्ट कर लिया गया, लेकिन 1 ने हिट किया और आग लगा दी।
हमले का कारण क्या है?
ये अटैक रिटेलिएशन (बदला) में किया गया। इससे पहले इजरायल ने ईरान के South Pars गैस फील्ड (दुनिया का सबसे बड़ा गैस रिजर्व) पर हमला किया था। ईरान ने बदले में गल्फ के प्रमुख एनर्जी हब्स – कतर, सऊदी अरब और UAE – को निशाना बनाया।
कितना बड़ा नुकसान हुआ?
- कतर की कुल LNG एक्सपोर्ट कैपेसिटी का 17% (लगभग 12.8 मिलियन टन प्रति वर्ष) 3 से 5 साल तक प्रभावित/बंद रह सकता है।
- QatarEnergy ने फोर्स मेज्योर घोषित कर दिया → पूरी LNG प्रोडक्शन रोक दी गई।
- कई यूनिट्स में आग और साइजेबल फायर बने, जिसे कंट्रोल करने में समय लगेगा।
- ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर तुरंत असर: ब्रेंट क्रूड $118 तक पहुंचा, यूरोपियन गैस प्राइस में 35% की उछाल।
अन्य गल्फ देशों पर भी अटैक
- सऊदी अरब: Jubail पेट्रोकेमिकल और रिफाइनरी पर ड्रोन/मिसाइल, कुछ इंटरसेप्ट हुए लेकिन डेब्री से नुकसान।
- UAE: Habshan गैस फैसिलिटी पर हमला, ऑपरेशंस सस्पेंड।
- कुवैत: दो रिफाइनरी में आग लगी।
कतर की तीखी प्रतिक्रिया
कतर ने ईरान के मिलिट्री और सिक्योरिटी अटैची समेत उनके स्टाफ को 24 घंटे में देश छोड़ने का आदेश दिया (persona non grata घोषित)।
भारत पर क्या असर?
भारत कतर से सबसे बड़ा LNG इंपोर्टर है। सप्लाई में कटौती से:
- घरेलू गैस/एलपीजी की कमी हो सकती है।
- पेट्रोल-डीजल और कमर्शियल गैस के दाम बढ़ सकते हैं।
- सिरेमिक, फर्टिलाइजर जैसे इंडस्ट्रीज प्रभावित।
विश्वसनीय स्रोत (क्रेडिट):
- Reuters: Iran attacks wipe out 17% of Qatar’s LNG capacity
- Al Jazeera: Qatar says Iran missile attack sparks fire at gas facility
- CNBC: Extensive damage at Qatar’s Ras Laffan LNG hub

